ककोर मुख्यालय संवाददाता विकास अवस्थी
मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज, जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी संघर्ष समिति
दिबियापुर, औरैया। फफूंद रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के नियमित ठहराव और यात्री सुविधाओं के विस्तार की मांग अब जोर पकड़ती जा रही है। रेलवे की अनदेखी के विरोध में फफूंद स्टेशन संघर्ष समिति ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। समिति के आह्वान पर 1 सितंबर को शाम सात बजे फफूंद रेलवे स्टेशन पर मोबाइल फ्लैशलाइट मार्च निकाला जाएगा।
मोबाइल की रोशनी के बीच होने वाला यह शांतिपूर्ण मार्च फफूंद स्टेशन की उपेक्षा और क्षेत्र की रेल सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर जनता की एकजुटता का संदेश देगा। समिति ने क्षेत्रवासियों से बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होने की अपील की है।
समिति के मुताबिक, मोबाइल फ्लैशलाइट मार्च के बाद रेलवे प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया जाएगा। इस अवधि में फफूंद स्टेशन पर आवश्यक ट्रेनों के नियमित ठहराव, यात्री सुविधाओं में सुधार तथा अन्य जनहित की मांगों पर ठोस निर्णय लेने की अपेक्षा की जाएगी।
समिति अध्यक्ष श्याम सिंह ने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर रेलवे प्रशासन की ओर से मांगों पर संतोषजनक सुनवाई या ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो संघर्ष समिति लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक एवं वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति का संघर्ष किसी व्यक्ति, अधिकारी या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य केवल फफूंद रेलवे स्टेशन का विकास, प्रमुख ट्रेनों का नियमित ठहराव और क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
‘जनहित की मांग, संवैधानिक संघर्ष’
समिति ने कहा कि फफूंद स्टेशन से बड़ी संख्या में आसपास के गांवों और कस्बों के यात्री आवागमन करते हैं। ट्रेनों के पर्याप्त ठहराव और सुविधाओं के अभाव में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्टेशन की समस्याओं को लेकर लगातार जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।
समिति ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि 1 सितंबर की शाम सात बजे फफूंद स्टेशन पहुंचकर मोबाइल फ्लैशलाइट मार्च में शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से भाग लें, ताकि रेलवे प्रशासन तक क्षेत्र की जनता की सामूहिक आवाज मजबूती से पहुंच सके।
समिति का संदेश है— “हमारी मांग जनहित की है, हमारा संघर्ष संवैधानिक है और हमारा उद्देश्य फफूंद स्टेशन का विकास है।”
