एसपी-थानाध्यक्ष को हाई कोर्ट की फटकार, बताया ‘मिल गई सही’


 प्रयागराज में दर्दनाक हादसा


एसपी-थानाध्यक्ष को हाई कोर्ट की फटकार, बताया ‘मिल गई सही’

बिजली गुल व जनरेटर खराब होने की दलील को कोर्ट ने माना बहाना

मातवी संवाददाता, प्रयागराज

प्रयागराज। जिले के एक मामले में हाई कोर्ट ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एसपी और थानाध्यक्ष को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि बिजली गुल व जनरेटर खराब होने की दलील को मात्र बहाना नहीं माना जा सकता। यह पूरी तरह से लापरवाही और कर्तव्यहीनता का मामला है।

न्यायमूर्ति के समक्ष सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष के वकील ने बताया कि घटना के समय थाने में न तो बिजली थी और न ही जनरेटर चल रहा था, जिस कारण प्राथमिकी दर्ज करने और जांच में काफी देरी हुई। इस पर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कहना कि ‘बिजली नहीं थी’, ‘जनरेटर खराब था’ जैसे तर्क पुलिस की सुस्ती और लापरवाही को नहीं छिपा सकते।

कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि यदि थाने में बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि कानून व्यवस्था ठप हो जाए। जनता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसे निभाने में विफल रहने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मामले की विस्तृत जानकारी

जानकारी के अनुसार, यह मामला जनपद प्रयागराज के एक थाना क्षेत्र का है, जहां एक गंभीर घटना की शिकायत पर पीड़ित पक्ष ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने न तो मौके पर समय से पहुंचकर जांच की और न ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा। बिजली और जनरेटर खराब होने की दलील पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए इसे जिम्मेदारी से बचने का प्रयास माना। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी पुलिस को वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस की लापरवाही से आम नागरिकों को न्याय मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्व का निर्वहन सुनिश्चित करने की चेतावनी दी गई।

महेंद्र गौड़ का हत्यारोपित रिश्तेदार नवनाथ गौड़ • जागरण

“ कोर्ट ने कहा — बिजली और जनरेटर का बहाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। थाना प्रभारी और एसपी को चेतावनी दी गई है कि आगे ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कोर्ट ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा — अब लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाईt

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दैनिक जागरण की कटिंग 





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